- भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी उद्देश्य से 1 जुलाई 2023 को मध्य प्रदेश के Shahdol जिले से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ किया गया था।
- यह पहल देश में आनुवंशिक रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे सबसे बड़े अभियानों में से एक मानी जाती है।
- मिशन के तहत सिकल सेल एनीमिया की समय पर पहचान, जांच, परामर्श और रोगियों के उपचार एवं देखभाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- बीमारी के अधिक प्रभाव वाले जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
- सिकल सेल एनीमिया एक वंशानुगत रक्त संबंधी बीमारी है, जो असामान्य हीमोग्लोबिन-एस के कारण उत्पन्न होती है।
- इस स्थिति में लाल रक्त कोशिकाएं अपने सामान्य गोल आकार के बजाय हंसिया या दरांती जैसी आकृति धारण कर लेती हैं।
- परिणामस्वरूप रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में कठिनाई होती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
- सरकार का मानना है कि जागरूकता, व्यापक जांच और समय पर उपचार के माध्यम से इस बीमारी के प्रभाव को कम करते हुए वर्ष 2047 तक इसके उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की जा सकती है।
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