- भारत को जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) और बायोइकोनॉमी के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने के उद्देश्य से नीति आयोग ने 16 जुलाई 2026 को “Roadmap for Building India as a Leading Bioeconomy Powerhouse by 2035” जारी किया।
- इस रोडमैप के तहत वर्ष 2026–2035 के दौरान 50,000 करोड़ रुपये के बायोइकोनॉमी ग्रोथ फंड की स्थापना का प्रस्ताव है। यह फंड अनुसंधान एवं विकास (R&D), नवाचार, जैव प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप, औद्योगिक उत्पादन तथा निवेश को प्रोत्साहित करेगा, ताकि भारत वर्ष 2035 तक विश्व की शीर्ष तीन जैव प्रौद्योगिकी शक्तियों में स्थान प्राप्त कर सके।
- बायोइकोनॉमी ऐसी आर्थिक व्यवस्था है, जो जैविक संसाधनों, जैव प्रौद्योगिकी और जैव-आधारित उत्पादन प्रणालियों पर आधारित होती है।
- इसके अंतर्गत कृषि, स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण, औद्योगिक जैव-उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, जैव ईंधन तथा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे अनेक क्षेत्र आते हैं।
- भारत की बायोइकोनॉमी का आकार वर्ष 2025 में लगभग 195.3 अरब अमेरिकी डॉलर था।
- नीति आयोग के इस रोडमैप में इसे वर्ष 2035 तक 691 अरब डॉलर तथा 2047 तक लगभग 2.6 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- यह पहल भारत को ज्ञान-आधारित, नवाचार-संचालित और टिकाऊ अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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