- देश के प्रख्यात समाजसेवी, अभियंता और पद्मश्री सम्मानित गिरीश भारद्वाज का 7 जुलाई 2026 को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
- उन्होंने कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्लिया स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और उपचाराधीन थे।
- उनके निधन से सामाजिक सेवा और ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन माना जा रहा है।
- गिरीश भारद्वाज को पूरे देश में “ब्रिज मैन ऑफ इंडिया” के नाम से पहचान मिली। उन्होंने ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में कम लागत वाले सस्पेंशन पुलों का निर्माण कर लाखों लोगों के लिए आवागमन को सुरक्षित और सरल बनाया।
- उनकी अभिनव तकनीक ने यह सिद्ध किया कि सीमित संसाधनों के साथ भी मजबूत, टिकाऊ और उपयोगी अवसंरचना विकसित की जा सकती है।
- उनकी इस अनूठी यात्रा की शुरुआत वर्ष 1989 में हुई, जब उन्होंने कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के अरंबूर में पायस्विनी नदी पर अपना पहला सस्पेंशन पुल बनाया।
- इस परियोजना की सफलता के बाद उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में इसी मॉडल पर सैकड़ों पुलों के निर्माण में योगदान दिया।
- गिरीश भारद्वाज द्वारा विकसित तकनीक का लाभ विशेष रूप से कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और ओडिशा के दूरदराज़ ग्रामीण क्षेत्रों को मिला, जहाँ उनके बनाए पुल लोगों के लिए जीवनरेखा बन गए।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार तक पहुँच आसान बनाने में उनके कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- उनके योगदान को सदैव ग्रामीण विकास, नवाचार और जनसेवा की मिसाल के रूप में याद किया जाएगा।
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