उत्तराखंड में खुली पहली जीआई उत्पाद गैलरी


  • 13 जुलाई 2026 को उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में राज्य की पहली भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) उत्पाद गैलरी का उद्घाटन किया।
  •  इस गैलरी में राज्य के 30 से अधिक जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें पारंपरिक कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, हथकरघा तथा सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विशिष्ट उत्पाद शामिल हैं।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के विशिष्ट और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना, उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ाना तथा स्थानीय किसानों, बुनकरों, कारीगरों और शिल्पकारों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना है। 
  • इसके माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
  • भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) एक विशेष पहचान चिन्ह है, जो उन उत्पादों को प्रदान किया जाता है जिनकी गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या विशिष्ट विशेषताएँ किसी खास भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती हैं।
  •  यह टैग उस उत्पाद की मौलिकता और क्षेत्रीय पहचान को प्रमाणित करता है।
  • भारत में जीआई टैग का पंजीकरण एवं संरक्षण भौगोलिक संकेतक वस्तु (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 के अंतर्गत किया जाता है।

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