- इंटरनेशनल गैस यूनियन (IGU) की वर्ल्ड एलएनजी रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब स्पेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एलएनजी रीगैसिफिकेशन हब बन गया है।
- सरल शब्दों में समझें तो, भारत अब विदेशों से जहाजों के जरिए आने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) को दोबारा गैस के रूप में बदलने की क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष चार देशों में शामिल हो गया है।
- यह क्षमता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एलएनजी को गैस में बदले बिना उसका घरेलू इस्तेमाल संभव नहीं होता।
- यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग में सुधार नहीं है, बल्कि भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा है।
- देश का लक्ष्य कोयले और कच्चे तेल पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक गैस जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ाना है।
- इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और उद्योगों को अधिक स्थिर ऊर्जा आपूर्ति मिल सकेगी।
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