- देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर बढ़ते विरोध के बीच 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
- यह फैसला NEET-UG 2026 में कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद बढ़ते राजनीतिक और छात्र दबाव के बीच लिया गया।
- इस घटनाक्रम ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता के साथ-साथ परीक्षा संचालन और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंप दी। इसके साथ ही NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया।
- सरकार ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में इस परीक्षा का आयोजन कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाया जा सके।
- CBT प्रणाली में पारंपरिक कागजी प्रश्नपत्र और उत्तर-पुस्तिका की जगह कंप्यूटर पर परीक्षा आयोजित की जाती है।
- इससे प्रश्नपत्र के लीक होने, परिवहन संबंधी जोखिम और वितरण में होने वाली अनियमितताओं की संभावना कम हो सकती है।
- हालांकि, इस व्यवस्था की सफलता के लिए मजबूत तकनीकी ढांचा, पर्याप्त परीक्षा केंद्र, निर्बाध इंटरनेट और प्रभावी डिजिटल निगरानी सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक होगा।
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