- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों की नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित किया, जिन्होंने पहली त्रि-सेवा (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) ऑल-वुमन वैश्विक परिक्रमा नौकायन अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया।
- इस अभियान के तहत अधिकारियों ने भारतीय सेना के नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार होकर लगभग 25,500 समुद्री मील की चुनौतीपूर्ण यात्रा 314 दिनों में पूरी की।
- इस दौरान उन्होंने चार महासागरों का भ्रमण किया, भूमध्य रेखा को दो बार पार किया और इंटरनेशनल डेट लाइन को भी पार किया।
- इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से वर्चुअल फ्लैग-ऑफ के साथ हुई थी। अभियान की सफलता के बाद 22 जुलाई 2026 को मुंबई में दल का वर्चुअल फ्लैग-इन किया गया।
- वैश्विक परिक्रमा नौकायन केवल लंबी दूरी तय करने का अभियान नहीं होता, बल्कि इसके लिए पृथ्वी के सभी देशांतरों से होकर गुजरना और कम-से-कम एक बार भूमध्य रेखा पार करना अनिवार्य होता है।
- इस दल ने इन सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों की दक्षता, साहस और समुद्री कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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