- यूनाइटेड किंगडम ने अपनी वायुसेना की क्षमता को और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 16 जुलाई 2026 को 'स्टॉर्म फाइटर' कार्यक्रम की शुरुआत की।
- इस पहल के तहत ऐसे स्वायत्त 'लॉयल विंगमैन' ड्रोन विकसित किए जाएंगे, जो मानवयुक्त लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर युद्ध अभियानों को अंजाम देंगे।
- ये ड्रोन रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून, एफ-35 और भविष्य के टेम्पेस्ट लड़ाकू विमानों के साथ समन्वित रूप से कार्य करेंगे।
- इस कार्यक्रम को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली पर आधारित भविष्य की हवाई लड़ाकू रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- 'स्टॉर्म फाइटर' कार्यक्रम को यूनाइटेड किंगडम की डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान 2026 के तहत 300 मिलियन पाउंड का वित्तीय समर्थन प्रदान किया गया है।
- इसकी आधिकारिक घोषणा रक्षा तत्परता एवं उद्योग मंत्री ल्यूक पोलार्ड ने लंदन में आयोजित ग्लोबल एयर एंड स्पेस चीफ्स कॉन्फ्रेंस के दौरान की।
- इस परियोजना का उद्देश्य ऐसे उन्नत स्वायत्त ड्रोन तैयार करना है, जो मानवयुक्त लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और उच्च जोखिम वाले अभियानों को अधिक प्रभावी तथा सुरक्षित बना सकें।
- यह पहल भविष्य में ब्रिटेन की हवाई युद्ध क्षमता को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Tags:
वैज्ञानिक परिदृश्य
