- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 11 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में NETRA-2026 राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत की।
- इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, डिजिटल ट्विन और मिशन-क्रिटिकल सिस्टम डिजाइन पर केंद्रित यह दो दिवसीय आयोजन रक्षा क्षेत्र में उभरती तकनीकों और उनके भविष्य पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है।
- कार्यक्रम का उद्घाटन डीआरडीओ के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार प्रणाली महानिदेशक डॉ. बी.के. दास ने किया।
- इलेक्ट्रॉनिक युद्ध आधुनिक सैन्य तकनीक का अहम हिस्सा बन चुका है। इसमें विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल दुश्मन की गतिविधियों की पहचान, अपने सिस्टम की सुरक्षा, संचार में बाधा और विरोधी को भ्रमित करने जैसी रणनीतियों के लिए किया जाता है।
- इलेक्ट्रॉनिक युद्ध को मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक अटैक और इलेक्ट्रॉनिक प्रोटेक्शन के तीन हिस्सों में बांटा जाता है। रडार, संचार नेटवर्क, सिग्नल इंटेलिजेंस और काउंटरमेज़र जैसी प्रणालियों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आधुनिक युद्धक्षेत्र में इसकी अहमियत भी लगातार बढ़ रही है। NETRA-2026 इसी क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और स्वदेशी क्षमताओं को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
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