- लाल सागर और उससे जुड़े अहम समुद्री रास्तों में बढ़ती असुरक्षा के बीच सऊदी अरब ने बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन (MMDC) की शुरुआत की है।
- इस पहल का मकसद लाल सागर, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
- हाल के महीनों में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन को लेकर चिंता बढ़ाई थी।
- इसी पृष्ठभूमि में सऊदी अरब ने 30 जुलाई 2026 को रियाद में एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया। बैठक में 43 देशों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
- सम्मेलन के बाद 14 देशों ने संयुक्त घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए MMDC के गठन पर सहमति जताई।
- गठबंधन में सऊदी अरब के अलावा तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र, बांग्लादेश, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, यमन, सोमालिया, सूडान, जिबूती और कोमोरोस शामिल हैं।
- इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और बंदरगाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और क्षेत्र में किसी भी समुद्री खतरे से सामूहिक रूप से निपटने की क्षमता विकसित करना है।
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