- रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन यानी एकतरफा हमलावर ड्रोन की खरीद को मंजूरी देते हुए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और NIBE प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 1,577 करोड़ रुपये के दो अनुबंध किए हैं।
- इस सौदे के तहत सेना को 84 लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम, 840 ड्रोन और उनसे जुड़े जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- लोइटरिंग म्यूनिशन आधुनिक युद्ध में इस्तेमाल होने वाले ऐसे मानवरहित हवाई सिस्टम हैं, जो किसी लक्ष्य की तलाश में कुछ समय तक हवा में मंडरा सकते हैं और उपयुक्त लक्ष्य मिलने पर उस पर सीधा हमला कर सकते हैं।
- इसी वजह से इन्हें अक्सर सुसाइड ड्रोन या वन-वे अटैक ड्रोन भी कहा जाता है। इन प्रणालियों की खासियत निगरानी और सटीक हमले की क्षमताओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।
- बताया जा रहा है कि इन नए सिस्टम की डीप-स्ट्राइक क्षमता 100 किलोमीटर से अधिक होगी। इससे भारतीय सेना को दूर स्थित और महत्वपूर्ण लक्ष्यों के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
- रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह खरीद सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता और प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
- अनुबंध के मुताबिक, कुल ऑर्डर का 64 प्रतिशत हिस्सा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और 36 प्रतिशत हिस्सा NIBE प्राइवेट लिमिटेड को मिला है।
- दोनों कंपनियों को अग्रिम भुगतान की तारीख से 12 महीने के भीतर 840 लोइटरिंग म्यूनिशन की आपूर्ति पूरी करनी होगी।
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