- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में देश का पहला बड़े पैमाने पर विकसित किया जा रहा बायोपॉलिमर प्लांट अब आकार ले रहा है।
- गोंला गोकर्णनाथ स्थित बलरामपुर चीनी मिल्स की कुंभी शुगर यूनिट में बन रहे इस संयंत्र की कमीशनिंग अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है।
- परियोजना को एकीकृत औद्योगिक परिसर के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
- इस प्लांट की खासियत यह होगी कि यहां स्थानीय किसानों से प्राप्त गन्ने का इस्तेमाल एक ही औद्योगिक प्रक्रिया में चीनी और उसके बाद पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) बनाने के लिए किया जाएगा।
- PLA एक बायोडिग्रेडेबल थर्मोप्लास्टिक है, जिसका इस्तेमाल पैकेजिंग, डिस्पोजेबल वस्तुओं और कई अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
- इस परियोजना से कृषि आधारित कच्चे माल को उच्च मूल्य वाले औद्योगिक उत्पादों में बदलने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- बायोपॉलिमर मुख्य रूप से पौधों की बायोमास, स्टार्च और शुगर जैसे नवीकरणीय स्रोतों से तैयार किए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें पेट्रोलियम आधारित पारंपरिक प्लास्टिक के अधिक टिकाऊ विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
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