- ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को 122 देशों की सूची में 100वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, पाकिस्तान 25.5 अंक के साथ 106वें स्थान पर रहा।
- पर्याप्त आँकड़े उपलब्ध कराने वाले देशों में पाकिस्तान की यह रैंकिंग उसे ‘गंभीर’ भूख श्रेणी में रखती है।
- इस वर्ष की रिपोर्ट का मुख्य विषय ‘खाद्य सुरक्षा के बिना कोई सुरक्षा नहीं’ रहा।
- वैश्विक भूख सूचकांक के माध्यम से विभिन्न देशों में भूख और कुपोषण की स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है।
- इसके लिए चार प्रमुख संकेतकों को आधार बनाया जाता है—अल्पपोषण, बाल दुबलापन, बाल अवरुद्ध विकास और पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर।
- अल्पपोषण का अर्थ है कि जनसंख्या के एक हिस्से को भोजन से पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त नहीं हो रही है।
- बाल दुबलापन लंबाई के अनुपात में बच्चे का कम वजन होने को दर्शाता है, जबकि बाल अवरुद्ध विकास का मतलब उम्र के अनुसार बच्चे की लंबाई कम होना है।
- इन संकेतकों के आधार पर किसी देश में भूख और बच्चों के पोषण की स्थिति का आकलन किया जाता है।
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