- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गगनयान मिशन की तैयारियों के तहत क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल को अलग करने वाली प्रणाली के परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए।
- ये परीक्षण 16 और 17 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में किए गए।
- इनका मुख्य उद्देश्य गगनयान के पहले मानवरहित मिशन जी1 से पहले मॉड्यूल अलगाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का आकलन करना था।
- गगनयान के कक्षीय मॉड्यूल में दो प्रमुख हिस्से होते हैं—क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल। क्रू मॉड्यूल को अंतरिक्ष यात्रियों के रहने और मिशन पूरा होने के बाद उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने के लिए तैयार किया गया है।
- वहीं, सर्विस मॉड्यूल अंतरिक्ष में मिशन के संचालन के लिए जरूरी सहायता प्रदान करता है।
- इसमें विद्युत ऊर्जा की आपूर्ति और प्रणोदन प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं।
- प्रक्षेपण के दौरान दोनों मॉड्यूल आपस में जुड़े रहते हैं और कक्षा में पहुंचने के बाद मिशन की आवश्यकताओं के अनुसार एक साथ कार्य करते हैं।
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