- गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर के पारंपरिक मोहनथाल प्रसाद को 8 अक्टूबर 2026 को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्रदान किया गया।
- इस मान्यता से मिठाई की विशिष्ट पहचान अंबाजी क्षेत्र और मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा से जुड़ गई है। जीआई प्रमाणपत्र 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन सौंपा गया।
- मोहनथाल प्रसाद के जीआई टैग के लिए 1 अक्टूबर 2026 को श्री अरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट ने आवेदन किया था।
- प्रमाणपत्र बनासकांठा के जिला कलेक्टर एवं अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी मिहिर पटेल को प्रदान किया गया। यह प्रमाणपत्र पेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिह्न महानियंत्रक तथा जीआई रजिस्ट्री के रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. उन्नत पी. पंडित ने सौंपा।
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