प्रतिदिन 10 प्रश्न और उत्तर (Q & A),(08-12-2021)


1. सिंधु-सभ्यता का प्राचीन बंदरगाह कौन-सा था? 
(a) हड़प्पा (b) लोथल  
(c) धौलावीरा (d) सुरकोटदा 
Ans. (B) : लोथल नगर सिंधु-सभ्यता का प्राचीन व मुख्य बंदरगाह था। यह नगर, गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित था, इस स्थल की खोज डॉ. एस. आर. राव ने सन् 1957 ई. में की थी। यह पश्चिमी एशिया से व्यापार करने का प्रमुख बंदरगाह था।
  
2. सही कालानुक्रम दीजिए : 
a. सामुदायिक अवॉर्ड 
b. साइमन कमीशन 
c. प्रथम गोलमेज सम्मेलन 
d. गाँधी – इरविन समझौता 
(a) a, b, c, d (b) b, a, c, d  
(c) b, c, a, d (d) b, c, d, a 
Ans. (D) : 
 साइमन कमीशन 1928 
प्रथम गोलमेज सम्मेलन 1930
गाँधी इरविन समझौता 1931
सामुदायिक अवॉर्ड         – 1932

3. भारत ने पुर्तगालियों से गोवा मुक्त कराया वर्ष – 
       (a) 1948 में  (b) 1965 में   
(c) 1961 में  (d) 1960 में  
Ans. (C) : गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था, पुर्तगालियों ने गोवा पर लगभग 450 वर्षों तक शासन किया तथा 19 दिसंबर 1961 को भारतीय सेना ने गोवा को दमन दीव के भारतीय संघ में विलय के लिए ‘ऑपरेशन विजय’ के द्वारा मुक्त कराया। जिसके परिणामस्वरूप गोवा, दमन और दीव भारत का एक केन्द्र शासित क्षेत्र बना। 30 मई, 1987 में इस केन्द्र शासित प्रदेश को विभाजित किया गया और गोवा भारत का 25 वाँ राज्य बनाया गया जबकि दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश ही रहा।  

4. एक खगोलीय इकाई निम्न के बीच औसत दूरी होती है? 
(a) पृथ्वी तथा सूर्य (b) पृथ्वी तथा चन्द्रमा  
(c) बृहस्पति तथा सूर्य (d) प्लूटो तथा सूर्य 
Ans. (A) : एक खगोलीय इकाई पृथ्वी तथा सूर्य के बीच औसत दूरी होती है। 

5. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रह सूर्य की एक परिक्रमा करने में अधिकतम समय लेता है? 
(a) पृथ्वी (b) बृहस्पति  
(c) मंगल (d) शुक्र 
Ans. (B) : बृहस्पति ग्रह सूर्य से दूरी के अनुसार पांचवाँ ग्रह है। यह आकार और द्रव्यमान में बाकी सभी ग्रहों से बड़ा ग्रह है। यह ग्रह सूर्य की एक परिक्रमा करने में अधिकतम समय (लगभग 11 साल 9 महीने) लगाता है। यह अपनी धुरी पर सबसे ज्यादा तेज गति से घूमता है और अपनी धूरी पर एक चक्कर 9 घंटे 55 मिनट में पूरा कर लेता है।   

6. यदि आप तुतीकोरिन, पारादीप, कण्डला तथा मंगलोर जाते हैं, तो आपको निम्न में से होकर जाना नहीं पड़ता: 
(a) तमिलनाडु (b) ओडिशा  
(c) गुजरात (d) केरल
Ans.(D) : यदि कोई व्यक्ति तुतीकोरिन (तमिलनाडु), पारादीप (ओडिशा) कांडला (गुजरात) तथा मैंगलोर (कर्नाटक) जाना चाहता है तो उसे केरल से होकर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि तुतीकोरिन, पारादीप, कांडला और मैंगलोर सभी बन्दरगाह शहर है, जो केरल राज्य के शहरों में शामिल नहीं है।  

7. किस बजट में ‘किसान टीवी’ की घोषणा की गई थी? 
(a) 2014-15 (b) 2013-14 
(c) 2012-13 (d) 2011-12
Ans. (A) : वर्ष 2014 में तत्कालीन केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने 2014-15 का बजट पेश करते हुए किसानों के लिए ‘किसान टीवी’ चैनल (डी डी किसान) की घोषणा की थी। इस चैनल के द्वारा कृषि की नई प्रणाली, जल संरक्षण और जैविक कृषि इत्यादि से संबंधित सूचनाएं प्रदान किया जाता है। 
  
8. भारत के उत्तरी मैदानों के बृहत क्षेत्र में प्रसारित मृदा है-
(a) लाल मृदा (b) काली मृदा  
(c) लैटेराइट मृदा (d) जलोढ़ मृदा 
Ans.(D) : जलोढ़ मिट्टी उत्तर भारत के पश्चिम में पंजाब से लेकर सम्पूर्ण उत्तरी विशाल मैदान को घेरे हुए गंगा नदी के डेल्टा क्षेत्र तक फैली है। अत्यधिक उर्वरता वाली इस मिट्टी का विस्तार सामान्यत: देश की नदियों के बेसिनों एवं मैदानी भागों तक ही सीमित है। जलोढ़ मिट्टी की भौतिक विशेषताओं का निर्धारण जलवायविक दशाओं विशेषकर वर्षा तथा वनस्पतियों की वृद्धि द्वारा किया जाता है। उत्तर-भारत के इस मिट्टी में सिंचाई के माध्यम से गन्ना, गेहूँ, चावल, जूट, तम्बाकू, तिलहन आदि फसलों की खेती की जाती है।  

9. निम्न में से कौन एक अर्धचालक है? 
(a) फॉस्फोरस (b) काष्ठ  
(c) सिलिकॉन (d) काँच 
Ans. (C) : अर्धचालक (Semicondutor) की विद्युत चालकता अचालकों की अपेक्षा बहुत अधिक तथा सुचालकों की अपेक्षा बहुत कम होती है। जैसे- सिलिकॉन, जर्मेनियम, इत्यादि। इन पदार्थों की प्रतिरोधकता ताप बढ़ाने पर घटती है अर्थात् चालकता बढ़ती है।  

10. निम्नलिखित में से कौन सा महायान बौद्ध दर्शन तथा हीनयान बौद्ध दर्शन के बीच सर्वाधिक बुनियादी अंतर है? 
(a) जातिविहीन समाज (b) स्तूप पूजन 
(c) देव एवं देवियों की पूजा (d) अहिंसा पर बल 
Ans. (C) : कनिष्क के समय चतुर्थ बौद्ध संगीति के दौरान बौद्ध धर्म स्पष्टत: दो सम्प्रदायों में विभक्त हो गया। 
(1) हीनयान (2) महायान।
हीनयान सम्प्रदाय के लोगों का मत था कि, प्रत्येक व्यक्ति को अपने प्रयत्नों से ही मोक्ष प्राप्ति का प्रयास करना चाहिए। हीनयान सम्प्रदाय के लोग मूर्ति पूजा एवं देवी देवताओं की पूजा पर विश्वास नहीं करते थे जबकि महायानी बुद्ध को देवता के रूप में स्वीकार करते हुए इनकी पूजा करने लगे। इनके अनुसार बुद्ध मानव के दु:ख त्राता के रूप में अवतार लेते रहे हैं। इनका अगला जन्म मैत्रेय के नाम से होगा। अत: बोधिसत्वों की पूजा प्रारम्भ कर दिये।    

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