- देश में 5G नेटवर्क के रोलआउट/सार्वजानिक उपलब्धता सुनिश्चित करने में तेज़ी लाने के लिये संचार मंत्रालय ने राइट ऑफ वे (RoW) में संशोधन की घोषणा की।
- संशोधनों में शुल्क का युक्तिकरण, एकल खिड़की निकासी प्रणाली की शुरुआत और निजी संपत्ति पर बुनियादी ढाँचा स्थापित करने के लिये सरकारी प्राधिकरण से सहमति की आवश्यकता को समाप्त करना शामिल है।
- दूरसंचार लाइसेंसधारी निजी संपत्ति के मालिकों के साथ समझौता कर सकते हैं और दूरसंचार बुनियादी ढाँचे जैसे टाॅवर, पोल/खंभे या ऑप्टिकल फाइबर स्थापित करने के लिये किसी भी सरकारी प्राधिकरण से किसी भी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
- केंद्र सरकार द्वारा अपने स्वामित्त्व/नियंत्रण वाली भूमि पर खंभे लगाने के लिये कोई प्रशासनिक शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिये यह शुल्क 1,000 रुपए प्रति पोल तक सीमित होगा। ओवरग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का शुल्क 1,000 रुपए प्रति किलोमीटर तक सीमित होगा।
- संचार मंत्रालय का गति शक्ति संचार पोर्टल सभी दूरसंचार संबंधी RoW एप्लीकेशन के लिये एकल खिड़की पोर्टल होगा।
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