- भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने 7 मई 2026 को महाराष्ट्र के तारापुर परमाणु ऊर्जा स्टेशन की यूनिट-2 को पुनः संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है।
- यह स्वीकृति संयंत्र में व्यापक मरम्मत, तकनीकी सुधार और सुरक्षा उन्नयन कार्य पूरे होने के बाद दी गई।
- इन सभी कार्यों का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) द्वारा किया गया।
- महाराष्ट्र के पालघर जिले के बोइसर क्षेत्र के निकट स्थित तारापुर परमाणु ऊर्जा स्टेशन देश के सबसे पुराने परमाणु ऊर्जा केंद्रों में गिना जाता है।
- इसकी यूनिट-1 और यूनिट-2 भारत के पहले बॉयलिंग वाटर रिएक्टर (BWR) हैं, जिन्होंने वर्ष 1969 में व्यावसायिक रूप से बिजली उत्पादन शुरू किया था।
- इससे पहले दिसंबर 2025 में तारापुर की यूनिट-1 को भी दोबारा संचालन की अनुमति मिली थी।
- वर्तमान में यह इकाई अपनी निर्धारित 160 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रही है।
- अब यूनिट-2 को मंजूरी मिलने के बाद देश की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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