- भारत में किशोर अपराध के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
- National Crime Records Bureau के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में किशोरों से जुड़े 34,878 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 31,365 थी।
- इसी के साथ किशोर अपराध दर भी 7.1 से बढ़कर 7.9 तक पहुंच गई। इन मामलों में देशभर से कुल 42,633 किशोरों को हिरासत में लिया गया।
- देश में किशोरों से संबंधित मामलों का निपटारा Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 के तहत किया जाता है।
- इस कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को बच्चा माना जाता है।
- अधिनियम में कानून से टकराव में आए बच्चों और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
- इसका उद्देश्य बच्चों को सजा देना नहीं, बल्कि उनका सुधार, पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन सुनिश्चित करना है।
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