- नरेंद्र मोदी ने 15 से 20 मई 2026 के बीच संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया।
- छह दिनों की इस यात्रा के दौरान भारत को ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिपिंग और विनिर्माण क्षेत्रों में लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश प्रस्ताव मिले।
- इस दौरे को भारत की वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
- इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं और विभिन्न शिखर सम्मेलनों में भाग लिया।
- 50 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी उनसे मुलाकात की। निवेश प्रस्तावों में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण, एलपीजी आपूर्ति, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, रक्षा और शिपिंग जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे।
- संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की।
- वहीं नीदरलैंड के साथ 17 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- स्वीडन के साथ उभरती प्रौद्योगिकी और हरित परिवर्तन पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- जॉर्जिया मेलोनी के साथ बैठक में भारत और इटली ने विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया और 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
- वहीं नॉर्वे में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु सहनशीलता और ब्लू इकोनॉमी पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
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