डीआरडीओ ने ULPGM-V3 मिसाइल के अंतिम परीक्षण में हासिल की सफलता

  • भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी Defence Research and Development Organisation ने 19 और 20 मई 2026 को स्वदेशी मानव रहित हवाई वाहन लॉन्च प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल ULPGM-V3 के अंतिम विकास परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए।
  •  ये परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित डीआरडीओ परीक्षण क्षेत्र में किए गए। 
  • परीक्षणों के दौरान एकीकृत ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम का उपयोग कमांड और कंट्रोल संचालन के लिए किया गया। इस उपलब्धि को भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और ड्रोन आधारित युद्ध क्षमता के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
  • ULPGM-V3 एक स्वदेशी प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल प्रणाली है, जिसे मानव रहित हवाई वाहनों यानी यूएवी से लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है।
  •  इस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 10 किलोमीटर तक बताई गई है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला ड्यूल-चैनल सीकर लगाया गया है, जिससे यह दिन और रात दोनों परिस्थितियों में सटीक लक्ष्य भेदन करने में सक्षम है।
  •  मिसाइल में मॉड्यूलर वारहेड तकनीक का उपयोग किया गया है। 
  • इसका अर्थ है कि मिशन की आवश्यकता के अनुसार इसमें अलग-अलग प्रकार के वारहेड लगाए जा सकते हैं। यह तकनीक मिसाइल को बहुउद्देश्यीय क्षमता प्रदान करती है। 

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