- भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
- भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) 2026 में पहली बार रक्त और रक्त घटकों (Blood and Blood Components) के लिए अलग से आधिकारिक गुणवत्ता मानक निर्धारित किए गए हैं।
- इस पहल के साथ भारत दुनिया का पहला देश बन गया है जिसके फार्माकोपिया में रक्त एवं रक्त घटकों के लिए विशेष मानकों को शामिल किया गया है।
- भारतीय फार्माकोपिया के 10वें संस्करण का विमोचन 2 जनवरी 2026 को Jagat Prakash Nadda द्वारा नई दिल्ली में किया गया।
- यह कदम रक्त की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- Indian Pharmacopoeia Commission द्वारा प्रकाशित भारतीय फार्माकोपिया भारत में दवाओं और संबंधित चिकित्सीय पदार्थों के लिए आधिकारिक गुणवत्ता मानकों का संकलन है।
- इसमें दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की पहचान, शुद्धता, शक्ति तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मानदंड निर्धारित किए जाते हैं।
- यह दस्तावेज देश में सुरक्षित और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला माना जाता है।
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