राष्ट्रीय निवेश नीति यूरिया-2026 को मिली मंजूरी

  • भारत सरकार ने 15 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय निवेश नीति यूरिया-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दी।
  •  इस नीति का उद्देश्य देश में यूरिया उत्पादन क्षमता का विस्तार करना, आयात पर निर्भरता घटाना तथा उर्वरक क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।
  •  यह नीति वर्ष 2012 की यूरिया निवेश नीति का संशोधित एवं विस्तारित संस्करण है, जिसकी अवधि अक्टूबर 2019 में समाप्त हो गई थी।
  • नई नीति के अंतर्गत देश में 8–9 प्राकृतिक गैस आधारित यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
  •  इनके माध्यम से लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन प्रतिवर्ष अतिरिक्त यूरिया उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे घरेलू मांग की पूर्ति में सहायता मिलेगी और आयात की आवश्यकता कम होगी।
  • निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीति में 12% से 16% तक सुनिश्चित इक्विटी प्रतिफल (Return on Equity) का प्रावधान किया गया है।
  •  इसके अतिरिक्त, लागत संरचना को अधिक पारदर्शी बनाया गया है तथा विदेशी मुद्रा विनिमय दर के जोखिम को कम करने के लिए चार वर्ष बाद स्थिर लागत को भारतीय रुपये में परिवर्तित करने की व्यवस्था की गई है। 
  • इन प्रावधानों से निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के निवेशकों के लिए अधिक स्थिर, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।

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