- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 6 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल फ्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट संपन्न किया।
- यह इंजन भारत के भारी प्रक्षेपण यान एलवीएम3 के सातवें परिचालन मिशन एलवीएम3-एम7 के क्रायोजेनिक ऊपरी चरण (Upper Stage) में लगाया जाएगा।
- इस सफल परीक्षण ने स्वदेशी क्रायोजेनिक प्रणोदन तकनीक में भारत की क्षमता को एक बार फिर प्रमाणित किया है।
- इस परीक्षण की खास उपलब्धि यह रही कि इसरो ने पहली बार फ्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट के दौरान नई विकसित नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम का प्रयोग किया।
- यह प्रणाली उच्च ऊंचाई जैसी परिस्थितियों का प्रभावी अनुकरण करते हुए इंजन के सुरक्षित एवं सटीक प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में सहायक है।
- परीक्षण के दौरान इंजन ने शुरुआती 45 सेकंड तक 19.5 टन थ्रस्ट उत्पन्न किया, जिसके बाद इसे निर्धारित अधिकतम क्षमता तक बढ़ाकर 22 टन थ्रस्ट पर 25 सेकंड तक सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
- परीक्षण के सभी प्रदर्शन मानक पूर्व निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप पाए गए, जिससे एलवीएम3-एम7 मिशन के लिए इंजन की उड़ान-योग्यता की पुष्टि हुई।
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