- भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को नई मजबूती देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 8 जुलाई 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल उड़ान परीक्षण किया।
- इस परीक्षण में रॉकेट को 60 किलोमीटर की उपयोगकर्ता-निर्धारित न्यूनतम मारक दूरी के लिए परखा गया। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने सभी निर्धारित उड़ान मानकों और युद्धाभ्यासों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए लक्ष्य पर अत्यंत सटीक प्रहार किया।
- यह सफलता पिनाका प्रणाली की विश्वसनीयता, सटीकता और परिचालन क्षमता का प्रमाण है।
- इससे पहले दिसंबर 2025 में पिनाका LRGR-120 का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया गया था, जिसमें रॉकेट ने 120 किलोमीटर की अधिकतम मारक क्षमता का प्रदर्शन किया था।
- नवीनतम परीक्षण के साथ पिनाका प्रणाली की न्यूनतम और अधिकतम दोनों परिचालन क्षमताओं का सफल सत्यापन हो गया है।
- वर्तमान में भारतीय सेना के पास लगभग छह से सात पिनाका रॉकेट रेजिमेंट हैं।
- सेना की योजना 2026 के अंत तक इनकी संख्या बढ़ाकर 10 रेजिमेंट करने तथा भविष्य में 22 रेजिमेंट तक विस्तार करने की है।
- इससे भारतीय सेना की लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की क्षमता और स्वदेशी रक्षा प्रणाली दोनों को महत्वपूर्ण बल मिलेगा।
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